top of page

DeepQuotes.in "Search Your Quotes"
POV Quotes


करवा चौथ पूजा विधि और व्रत का महत्व पति की लंबी उम्र के लिए संपूर्ण गाइड
करवा चौथ केवल एक व्रत नहीं, प्रेम, विश्वास, संयम और पारिवारिक मंगल की भावना से जुड़ा उत्सव है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और चंद्रदेव की पूजा करके पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। उत्तर भारत में यह पर्व खास रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। घरों में सोलह श्रृंगार, मेहंदी
2 दिन पहले


करवा चौथ के लिए दिल छू लेने वाले हिंदी कोट्स और उनकी खासियत
करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, रिश्ते में भरोसा, अपनापन और प्रेम को फिर से महसूस करने का दिन है। सुबह की सरगी से लेकर रात के चांद तक, हर पल में एक प्रतीक्षा छिपी होती है। कोई पूजा की थाली सजाता है, कोई मेहंदी में नाम ढूंढता है, कोई चांद निकलने तक मन ही मन दुआ करता है। इस दिन शब्दों की भी अपनी जगह होती है। एक सही कोट दिल की बात को सरल, सुंदर और यादगार बना देता है। कभी वह पारंपरिक भाव लिए होता है, कभी आधुनिक रिश्तों की बराबरी और साथ निभाने वाली भाषा बोलता है। यहां करवा चौथ के लिए
2 दिन पहले


करवा चौथ 2026: परंपरा, व्रत, सजावट और खास तैयारी की पूरी गाइड
करवा चौथ आते ही घर की रौनक थोड़ी अलग हो जाती है। कहीं मेहंदी की खुशबू, कहीं छलनी और करवे की थाली सज रही होती है, और कहीं सासू मां सरगी की थाली में “बस थोड़ा और रख लो” कहकर प्यार जता रही होती हैं। यही तो इस त्योहार की खूबसूरती है, इसमें व्रत भी है, प्रेम भी है, परिवार भी है और ढेर सारी यादें भी। करवा चौथ 2026 भी उसी उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सही तारीख, पूजा मुहूर्त और चांद निकलने का समय अपने शहर के पंचांग के अनुसार ज़रूर देख लें, क्योंकि भारत में जगह के हिसाब से चांद का समय ब
2 दिन पहले


दैवीय प्रेम
दैवीय प्रेम कोई आकर्षण नहीं होता बल्कि समर्पण की वो अवस्था है जहाँ “पाने” की कोई इच्छा शेष नहीं रहती जिसे मिलते ही जीवन अपने आप पूर्ण हो जाए जहाँ किसी शर्त, किसी अपेक्षा किसी अधिकार की भाषा ही शेष न बचे -- वही प्रेम दैवीय होता है -- दैवीय प्रेम मे हाथ थामना आवश्यक नही -- निकटता का प्रदर्शन भी आवश्यक नही बल्कि यहाँ तो अनुपस्थिति भी एक पूर्ण उपस्थिति बन जाती है!- ____ ये वो प्रेम है जहाँ आत्मा आत्मा को पहचान लेती है बिना परिचय, बिना स्पर्श,बिना ये पूछे कि “तुम मेरे क्या हो?” दै
2 जन॰


प्रेम और इच्छा का अंतर
गाँव के बाहर एक पुराना बरगद था,जहाँ लोग अक्सर जीवन की उलझनों पर बात करने आते थे।वहीं एक दिन एक युवक बैठा था—मन में बेचैनी, आँखों में भ्रम। वृद्ध साधक ने उसे देखा और कहा,“तुम्हारी उलझन प्रेम की नहीं,इच्छा की है।” युवक चुप रहा। साधक बोले—“यदि कभी किसी स्त्री की देह चाहिए हो,तो साहस रखो और सच्चे रहो।बिना लाग-लपेट के,विनम्रता से अपनी बात कहो।यदि वह स्वीकार करे,तो उसे अनुग्रह समझो।और यदि अस्वीकार करे,तो उसकी इच्छा का सम्मान करवहीं से लौट जाओ—जहाँ से आए थे।” फिर उन्होंने ठहरकर कहा—
2 जन॰


Love Of OverThinker
"ओवरथिंकर" जैसे लोग हर शब्द बोलने से पहले दर्ज़नों अर्थों में उसे तोड़ते-जोड़ते है-- हर ख़ामोशी को अपराध मानकर ख़ुद से पूछताछ करते है-- ओवरथिंकर प्रेम में इसलिए गहरे उतरते है क्युँकि उन्हें पता होता है- अनकहा क्या चोट पहुँचा सकता है- वे अपने भीतर ही हज़ारों संवाद कर लेते है ताकि सामने वाला एक भी असहज पल से न गुज़रे!- _____ वे प्राथमिकता देते है पर दिखावे में नही बल्कि अपने हिस्से की नींद अपनी शांति अपने प्रश्न सब चुपचाप स्थगित कर देते है-- ओवरथिंकर पहले ख़ुद को समझाते हैं-- “
2 जन॰


एक विषैले व्यक्ति
न तो साथ चाहिए, न तुम्हें आज़ाद छोड़ेंगे": एक विषैले व्यक्ति" हम सभी ने जीवन में कभी न कभी ऐसे लोगों का सामना किया है जो न तो हमारे साथ एक सच्चा और स्वस्थ रिश्ता रखना चाहते हैं, और न ही हमें पूरी तरह आज़ाद छोड़ना चाहते हैं। ऐसे लोग अपने नियंत्रण, हस्तक्षेप और मानसिक चालबाज़ियों से न केवल रिश्तों को जटिल बनाते हैं, बल्कि दूसरे व्यक्ति की पहचान और आत्मसम्मान को भी धूमिल कर देते हैं। ये लोग अक्सर "Toxic", यानी विषैले व्यवहार के उदाहरण होते हैं, और उनके व्यवहार में गैसलाइटिंग, इम
16 अक्टू॰ 2025


बात करने से पहले – एक आत्मचिंतन की आवश्यकता"
हम अक्सर किसी बातचीत में जल्दी से प्रतिक्रिया दे बैठते हैं अपनी सोच, अपने अनुभव, या अपने दृष्टिकोण के आधार पर। परंतु हर मनुष्य एक संपूर्ण ब्रह्मांड है, जिसकी अपनी जटिलता, अपनी पीड़ा, आशाएँ, विश्वास, डर और संवेदनाएँ होती हैं। इसलिए, कुछ कहने या जवाब देने से पहले स्वयं में एक बार ठहरकर आत्मचिंतन करना ज़रूरी होता है। शब्द केवल ध्वनियाँ नहीं होते; वे असर डालते हैं कभी सान्त्वना बनते हैं, कभी चोट। हर व्यक्ति की अपनी 'दुनिया' होती है हम यह मानकर चलते हैं कि सामने वाला हमें उसी तरह
16 अक्टू॰ 2025


धीरे-धीरे सूखती औरत
धीरे-धीरे सूखती है एक औरत, जैसे रात में किसी बगीचे का फूल जिसे किसी ने तोड़ा नहीं, मगर नमी चुरा ली हो हवा ने। वो सूखती है जब सुबह की चाय बनाते वक़्त कोई "थैंक यू" नहीं कहता, जब थाली में परोसी रोटियों के स्वाद पर चेहरे सिकुड़ते हैं, मगर उसकी मेहनत कोई नहीं देखता। वो सूखती है जब अपनी बात को बीच में रोक देना उसकी आदत बन जाती है, क्योंकि कोई सुनता नहीं, या सुनकर भी समझता नहीं। वो सूखती है जब उसकी पसंदें "गृहस्थी के तवे" में जल कर राख हो जाती हैं। नीली साड़ी जो उसे बहुत पसंद थी, व
15 अक्टू॰ 2025


क्या मानव को खुश रहने के लिए तामझाम ज़रूरी हैं?
यह प्रश्न जितना सरल प्रतीत होता है, उतना ही जटिल इसका उत्तर है। यदि आदर्श की बात करें तो शायद उत्तर “नहीं” होना चाहिए, परंतु यदि वर्तमान समाज और आज के यथार्थ को देखें, तो इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता कि आज के समय में खुश रहने के लिए तामझाम को लगभग अनिवार्य बना दिया गया है। आज मानव जीवन की लगभग 98% समस्याओं का केंद्र बिंदु पैसा बन चुका है। चाहे वह सम्मान हो, सुरक्षा हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य हर समस्या का समाधान धन से जोड़कर देखा जाता है। यह स्थिति यूँ ही नहीं बनी, बल्कि सम
9 अग॰ 2025


ज़िक्र से नहीं.!फ़िक्र से पता चलता है, कि अपना कौन है..!!
दुनिया में बहुत लोग हैं जो हमारे सामने बैठकर बातें तो खूब करते हैं, हमारा ज़िक्र महफ़िलों में भी होता है, लेकिन जब हालात मुश्किल हो, तो...
7 जुल॰ 2025


अकेले ही जीवन में आगे बढ़कर बताऊंगा तुम्हे की.!
"अकेले ही जीवन में आगे बढ़कर बताऊंगा तुम्हें कि...बुजदिल औरतों के छोड़ जाने से मर्द मरा नहीं करते..!!" कभी-कभी ज़िंदगी में ऐसा भी मोड़...
7 जुल॰ 2025
bottom of page