

दैवीय प्रेम
दैवीय प्रेम कोई आकर्षण नहीं होता बल्कि समर्पण की वो अवस्था है जहाँ “पाने” की कोई इच्छा शेष नहीं रहती जिसे मिलते ही जीवन अपने आप पूर्ण हो जाए जहाँ किसी शर्त, किसी अपेक्षा किसी अधिकार की भाषा ही शेष न बचे -- वही प्रेम दैवीय होता है -- दैवीय प्रेम मे हाथ थामना आवश्यक नही -- निकटता का प्रदर्शन भी आवश्यक नही बल्कि यहाँ तो अनुपस्थिति भी एक पूर्ण उपस्थिति बन जाती है!- ____ ये वो प्रेम है जहाँ आत्मा आत्मा को पहचान लेती है बिना परिचय, बिना स्पर्श,बिना ये पूछे कि “तुम मेरे क्या हो?” दै


प्रेम और इच्छा का अंतर
गाँव के बाहर एक पुराना बरगद था,जहाँ लोग अक्सर जीवन की उलझनों पर बात करने आते थे।वहीं एक दिन एक युवक बैठा था—मन में बेचैनी, आँखों में भ्रम। वृद्ध साधक ने उसे देखा और कहा,“तुम्हारी उलझन प्रेम की नहीं,इच्छा की है।” युवक चुप रहा। साधक बोले—“यदि कभी किसी स्त्री की देह चाहिए हो,तो साहस रखो और सच्चे रहो।बिना लाग-लपेट के,विनम्रता से अपनी बात कहो।यदि वह स्वीकार करे,तो उसे अनुग्रह समझो।और यदि अस्वीकार करे,तो उसकी इच्छा का सम्मान करवहीं से लौट जाओ—जहाँ से आए थे।” फिर उन्होंने ठहरकर कहा—


Love Of OverThinker
"ओवरथिंकर" जैसे लोग हर शब्द बोलने से पहले दर्ज़नों अर्थों में उसे तोड़ते-जोड़ते है-- हर ख़ामोशी को अपराध मानकर ख़ुद से पूछताछ करते है-- ओवरथिंकर प्रेम में इसलिए गहरे उतरते है क्युँकि उन्हें पता होता है- अनकहा क्या चोट पहुँचा सकता है- वे अपने भीतर ही हज़ारों संवाद कर लेते है ताकि सामने वाला एक भी असहज पल से न गुज़रे!- _____ वे प्राथमिकता देते है पर दिखावे में नही बल्कि अपने हिस्से की नींद अपनी शांति अपने प्रश्न सब चुपचाप स्थगित कर देते है-- ओवरथिंकर पहले ख़ुद को समझाते हैं-- “


एक विषैले व्यक्ति
न तो साथ चाहिए, न तुम्हें आज़ाद छोड़ेंगे": एक विषैले व्यक्ति" हम सभी ने जीवन में कभी न कभी ऐसे लोगों का सामना किया है जो न तो हमारे साथ एक सच्चा और स्वस्थ रिश्ता रखना चाहते हैं, और न ही हमें पूरी तरह आज़ाद छोड़ना चाहते हैं। ऐसे लोग अपने नियंत्रण, हस्तक्षेप और मानसिक चालबाज़ियों से न केवल रिश्तों को जटिल बनाते हैं, बल्कि दूसरे व्यक्ति की पहचान और आत्मसम्मान को भी धूमिल कर देते हैं। ये लोग अक्सर "Toxic", यानी विषैले व्यवहार के उदाहरण होते हैं, और उनके व्यवहार में गैसलाइटिंग, इम


बात करने से पहले – एक आत्मचिंतन की आवश्यकता"
हम अक्सर किसी बातचीत में जल्दी से प्रतिक्रिया दे बैठते हैं अपनी सोच, अपने अनुभव, या अपने दृष्टिकोण के आधार पर। परंतु हर मनुष्य एक संपूर्ण ब्रह्मांड है, जिसकी अपनी जटिलता, अपनी पीड़ा, आशाएँ, विश्वास, डर और संवेदनाएँ होती हैं। इसलिए, कुछ कहने या जवाब देने से पहले स्वयं में एक बार ठहरकर आत्मचिंतन करना ज़रूरी होता है। शब्द केवल ध्वनियाँ नहीं होते; वे असर डालते हैं कभी सान्त्वना बनते हैं, कभी चोट। हर व्यक्ति की अपनी 'दुनिया' होती है हम यह मानकर चलते हैं कि सामने वाला हमें उसी तरह


धीरे-धीरे सूखती औरत
धीरे-धीरे सूखती है एक औरत, जैसे रात में किसी बगीचे का फूल जिसे किसी ने तोड़ा नहीं, मगर नमी चुरा ली हो हवा ने। वो सूखती है जब सुबह की चाय बनाते वक़्त कोई "थैंक यू" नहीं कहता, जब थाली में परोसी रोटियों के स्वाद पर चेहरे सिकुड़ते हैं, मगर उसकी मेहनत कोई नहीं देखता। वो सूखती है जब अपनी बात को बीच में रोक देना उसकी आदत बन जाती है, क्योंकि कोई सुनता नहीं, या सुनकर भी समझता नहीं। वो सूखती है जब उसकी पसंदें "गृहस्थी के तवे" में जल कर राख हो जाती हैं। नीली साड़ी जो उसे बहुत पसंद थी, व


क्या मानव को खुश रहने के लिए तामझाम ज़रूरी हैं?
यह प्रश्न जितना सरल प्रतीत होता है, उतना ही जटिल इसका उत्तर है। यदि आदर्श की बात करें तो शायद उत्तर “नहीं” होना चाहिए, परंतु यदि वर्तमान समाज और आज के यथार्थ को देखें, तो इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता कि आज के समय में खुश रहने के लिए तामझाम को लगभग अनिवार्य बना दिया गया है। आज मानव जीवन की लगभग 98% समस्याओं का केंद्र बिंदु पैसा बन चुका है। चाहे वह सम्मान हो, सुरक्षा हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य हर समस्या का समाधान धन से जोड़कर देखा जाता है। यह स्थिति यूँ ही नहीं बनी, बल्कि सम


ज़िक्र से नहीं.!फ़िक्र से पता चलता है, कि अपना कौन है..!!
दुनिया में बहुत लोग हैं जो हमारे सामने बैठकर बातें तो खूब करते हैं, हमारा ज़िक्र महफ़िलों में भी होता है, लेकिन जब हालात मुश्किल हो, तो...


अकेले ही जीवन में आगे बढ़कर बताऊंगा तुम्हे की.!
"अकेले ही जीवन में आगे बढ़कर बताऊंगा तुम्हें कि...बुजदिल औरतों के छोड़ जाने से मर्द मरा नहीं करते..!!" कभी-कभी ज़िंदगी में ऐसा भी मोड़...


वो लोग पूछते है कमाई मेरी, जो पूछते नहीं तबियत हमारी।~ आकाश मौर्य..2025
कितनी अजीब बात है कि ज़माना आजकल इंसान की इंसानियत से ज़्यादा उसकी कमाई को तवज्जो देता है। वो लोग जो हालचाल तक नहीं पूछते, जो ये तक नहीं...


रात भर इतना याद करता हूँ तुम्हें.❣सुबह जैसे इम्तिहान हो मेरा..❣❣
नींद आती नहीं, बस तेरी बातें चलती हैं,तन्हा रातों में तेरी यादें पलकों पे छलती हैं…🌙 हर करवट में तेरा नाम बसा होता है,हर ख़्वाब में तेरा...


सही व्यक्ति से किया गया प्रेम.❣उदास चेहरे को भी रंगीन बनाती है..❣❣
जब दिल को समझने वाला कोई पास हो,तो हर खामोशी भी एक मीठी बात बन जाती है…💫 जब हाथ थामने वाला सही हो,तो हर राह आसान सी लगने लगती है…🌈 सही...
12 GOLDEN THINGS YOU LEARNWITH AGE;
1. Friends, even close ones, may disappear over time. 2. Your relationship with yourself is the most important 3. People don't care about hard work, just results. 4. Heartbreak and failure are part of life 5. There's no place like home. 6. Family and money matter most 7. A book is a person's best friend. 8. Physical activity reduces stress. 9. Regret and crying waste your time 10. What you want today won't matter tomorrow. 11. Your decisions define your life, not fate 12. Chi


जब टाइम देखने का भी टाइम ना मिले तब समझो कि जिंदगी में कुछ उखाड़ रहे हो..!!
जब टाइम देखने का भी टाइम ना मिले तब समझो कि जिंदगी में कुछ उखाड़ रहे हो..!!


आए हो निभाने को जब किरदार जमीन पर, कुछ ऐसा कर चलो कि जमाना मिसाल दे..!
आए हो निभाने को जब किरदार जमीन पर, कुछ ऐसा कर चलो कि जमाना मिसाल दे..!


हार-जीत क्या होता है मुझे नहीं पता जिस बंदे में दम है वो फिर से ज़ीरो से शुरुआत करने की ताकत रखता है।
हार-जीत क्या होता है मुझे नहीं पता जिस बंदे में दम है वो फिर से ज़ीरो से शुरुआत करने की ताकत रखता है।

















































































































































































































