दूसरों की नकल मत करो, अपना रास्ता बनाओ “ऐसी सोच विकसित करो जो तुम्हारी अपनी समस्याओं का समाधान खोज सके।” हिमालय की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा शांत गाँव था—लामाओं का गाँव। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियाँ, देवदार के घने पेड़, दूर तक फैली घाटियाँ और पहाड़ों से उतरती एक निर्मल नदी। उसी गाँव में एक युवा लामा रहता था—तेनज़िन। तेनज़िन बहुत मेहनती था, लेकिन उसके मन में एक कमी थी। वह हर काम में दूसरों को देखकर वही करने की कोशिश करता था। उसे लगता था कि जो काम कोई दूसरा व्यक्ति सफलता
एक परिवार में वरुण और सान्या अक्सर छोटी-छोटी बातों पर बहस कर लेते थे। दोनों पढ़े-लिखे थे, जीवन के हर फैसले में अपनी-अपनी दलीलें रखते थे, पर एक दिन घर में अचानक ऐसी स्थिति आ गई जहाँ किसी किताब का ज्ञान काम नहीं आया। बिजली चली गई, बच्चे घबरा गए और घर का माहौल तनाव से भर गया। तभी सान्या ने मुस्कुराते हुए सबको शांत किया और वरुण ने प्यार से बच्चों को कहानी सुनानी शुरू की। उनकी विनम्रता, शांत स्वभाव और एक-दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार ने उस मुश्किल घड़ी को एक प्यारी याद में बदल दिया
जीवन में पीड़ा अक्सर परिस्थितियों से नही चयन की चूक से जन्म लेती है हम सही भाव लेकर गलत पात्र चुन लेते है और फिर वही भाव बोझ बनकर उम्र भर ढोते रहते है!हर कोई हमारे प्रेम, विश्वास, मौन और संघर्ष का पात्र नहीं होता, कुछ लोग सिर्फ सुनने आते हैं, समझने नही, कुछ लोग साथ चलने का वादा करते है लेकिन मोड़ पर हमें ही दोषी ठहराकर आगे बढ़ जाते है, गलत पात्र के सामने सही होना भी अपराध बन जाता है वहाँ संवेदनशीलता कमजोरी कहलाती है और सच्चाई अकड़, ऐसे में पीड़ा स्वाभाविक है क्योंकि आपने अपन