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Renew your mind Daily with Positive Thoughts.

"Renew your mind daily with positive thoughts" encourages cultivating a habit of refreshing your mindset by focusing on optimism and positivity. It suggests that regularly replacing negativity with hopeful, empowering ideas fosters emotional well-being, resilience, and personal growth, enabling a more fulfilling and productive life.


“पात्र का चयन”
जीवन में पीड़ा अक्सर परिस्थितियों से नही चयन की चूक से जन्म लेती है हम सही भाव लेकर गलत पात्र चुन लेते है और फिर वही भाव बोझ बनकर उम्र भर ढोते रहते है!हर कोई हमारे प्रेम, विश्वास, मौन और संघर्ष का पात्र नहीं होता, कुछ लोग सिर्फ सुनने आते हैं, समझने नही, कुछ लोग साथ चलने का वादा करते है लेकिन मोड़ पर हमें ही दोषी ठहराकर आगे बढ़ जाते है, गलत पात्र के सामने सही होना भी अपराध बन जाता है वहाँ संवेदनशीलता कमजोरी कहलाती है और सच्चाई अकड़, ऐसे में पीड़ा स्वाभाविक है क्योंकि आपने अपन


“भूख जिस्म की नहीं, सम्मान की होती है”
अगर मर्द जिस्म का भूखा होता तो वो 10-20 लाख खर्चा करके शादी नहीं करता, बल्कि 500-1000 खर्चा करके रोज़ सुबह-शाम नई नई लड़कियों से मसाज करवाता, मर्द भूखा होता है ईज्जत, सम्मान, प्यार, ध्यान, अपमान और भावनात्मक सपोर्ट का, इसलिए लाखो खर्चा करके शादी करता है लेकिन ग़लत औरत पल्ले पड़ जाने से उसका पैसा, जवानी, ईज्जत और सपने सब बर्बाद हो जाते है, सहमत हो या नहीं ?? “भूख जिस्म की नहीं, सम्मान की होती है” शहर के एक साधारण से मोहल्ले में आरव रहता था। पढ़ा-लिखा, मेहनती और जिम्मेदार। लोग


For Married Man
यदि आप विवाहित हैं तो हमारी बात मानकर कृपया इसे अवश्य पढ़ें...!! 1. किसी भी महिला के साथ, चाहे वह अविवाहित हो या विवाहित — आत्मिक बेटी, सेक्रेटरी, सहकर्मी, पड़ोसी, कामवाली या किसी दोस्त की पत्नी — के साथ अकेले वाली करीबी रिश्ता न रखें। 2. अपनी कानूनी पत्नी के अलावा किसी भी महिला से भावनात्मक लगाव न रखें। 3. अपनी पत्नी, मां और बेटी को छोड़कर किसी भी महिला का सोशल मीडिया पर जश्न न मनाएं अरविन्द वर्मा। यह गलत संकेत देता है। 4. जो महिला खुद को आसानी से किसी को सौंप देती है, वह कि


आदतें, संस्कृति और परिवर्तन का गहन विज्ञान
“आदतें, संस्कृति और परिवर्तन का गहन विज्ञान” एक छोटे से गाँव में दो बहनें रहती थीं—समीरा और नंदिनी। दोनों एक ही घर और एक ही माहौल में पली-बढ़ी थीं, लेकिन दोनों की आदतें बिल्कुल अलग थीं। समीरा सुबह जल्दी उठती, काम समय पर करती और हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश करती। नंदिनी इसके उलट थी—देर से उठना, काम टालना और बहाने बनाना उसकी आदत थी। एक दिन स्कूल में अध्यापिका ने बच्चों से पूछा, “क्या तुम्हें पता है, आपका भविष्य किससे बनता है?”सब बच्चों ने अलग-अलग जवाब दिए—किस्मत, पैसे, पढ़ाई।


बीवी खुश नहीं रहती?
“बीवी खुश नहीं रहती?” – तो जनाब ये हथियार आज़माइए!” शादी… ये एक अजीब-सा रिश्ता है। दो लोग, दो आदतें, दो सोचें… और एक ही छत के नीचे एक पूरी उम्र। शुरुआत में सब आसान लगता है, पर असली खेल तो शादी के बाद शुरू होता है। और तभी पता चलता है कि रिश्ते में प्यार निभाने के लिए बस फोटोज़, फेरे और वचन काफी नहीं होते… रोज़ की छोटी-छोटी समझदारी चाहिए होती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि आपकी पत्नी आपसे खुश नहीं रहती। और ये सुनकर किसी भी पति का दिल हिल जाता है। लेकिन सच ये है कि हर बीवी


Behavior has always been considered greater than knowledge.
एक परिवार में वरुण और सान्या अक्सर छोटी-छोटी बातों पर बहस कर लेते थे। दोनों पढ़े-लिखे थे, जीवन के हर फैसले में अपनी-अपनी दलीलें रखते थे, पर एक दिन घर में अचानक ऐसी स्थिति आ गई जहाँ किसी किताब का ज्ञान काम नहीं आया। बिजली चली गई, बच्चे घबरा गए और घर का माहौल तनाव से भर गया। तभी सान्या ने मुस्कुराते हुए सबको शांत किया और वरुण ने प्यार से बच्चों को कहानी सुनानी शुरू की। उनकी विनम्रता, शांत स्वभाव और एक-दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार ने उस मुश्किल घड़ी को एक प्यारी याद में बदल दिया
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