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भाषाओं का तो Translate हो जाता है लेकिन भावनाओं को समझना पड़ता है !!🖤

Apr 30, 2025
1 min read

अल्फ़ाज़ बदले जा सकते हैं,लेकिन जज़्बातों की कोई भाषा नहीं होती।हर दिल की अपनी एक ख़ामोश जुबान होती है —जो सिर्फ़ महसूस की जाती है, पढ़ी नहीं जाती।

कभी किसी की आँखें पढ़ो,कभी उसकी चुप्पी समझो,क्योंकि हर भावना शब्दों की मोहताज नहीं होती।




"भाषाओं का तो Translate हो जाता है,लेकिन भावनाओं को समझना पड़ता है...!! 🖤"


भाषाओं का तो Translate हो जाता है

लेकिन भावनाओं को समझना पड़ता है !!🖤



Languages ​​can be translated

but feelings have to be understood!!🖤

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