आज प्रायरिटी ,कल मात्र एक विकल्प।
आज प्रायरिटी ,कल मात्र एक विकल्प।
बहुत आसान हो गया हैं किसी की हस्ती खेलती जिंदगी को ,अपने कुछ टाइम पास के लिए पूरी तरह से बिखेर के रख देना। आसान इसलिए था क्यों कि किसी ने तुम्हारी झूठी बातों को सच माना,तुमपे विश्वास किया।
बार बार पूछने पर कि तुम ये रिश्ता निभा तो लोगे ,तुम्हारा हर बार जवाब हा मैं आना,कुछ पल की बातों में सुकून का मिलना,एक छलावा को सच मान कर रिश्ता निभाते रहना,तुम्हारे टाइम पास का हिस्सा बनना,किसी को अन्दर तक खाली कर गया,शायद बहुत बड़ा नुकसान मिल गया,ऐसा ज़ख्म जो भराए नहीं भर रहा हैं।
मान लिया तुम आज बहुत खुश हों,तुम्हे कुछ फर्क नहीं पड़ रहा ,अब तुमने किसी और को अपना शिकार बना लिया है या किसी और को टाइमपास का जरिया,
लेकिन कभी रुक के सोचना ,क्या मिला इससे,क्या यही जीवन को जीने का उद्देश्य है, अपने टाइम पास के लिए किसी की वो भावनाओं से खेलना,नहीं
"तुम्हे लगता होगा ,अच्छे से एंजॉय किया ,लेकिन तुमने पाया कुछ नहीं है बल्कि बहुत कुछ खोया हैं,किसी का विश्वास,किसी की हँसी,किसी का अपनापन,किसी की उम्मीद।
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