जीना दूसरों के लिए आसान हो सकता है, पर सच्चा जीवन वही है जो तुम अपने लिए जियो।
कभी-कभी जीवन में सबसे मुश्किल काम होता है खुद के साथ जीना। लोग समझते हैं कि अपने लिए जीना स्वार्थ है, लेकिन सच्चाई ये है कि जो खुद के लिए नहीं जीता, वो किसी और के भी किसी काम का नहीं रह जाता। हममें से ज़्यादातर लोग अपने जीवन का बड़ा हिस्सा दूसरों को खुश करने में गुज़ार देते हैं। कभी परिवार के लिए, कभी समाज के लिए,कभी उस व्यक्ति के लिए जिसे हमने अपनी ज़िंदगी का सबसे अहम हिस्सा बना लिया था। धीरे-धीरे, हम अपनी इच्छाओं को किनारे रख देते हैं, अपनी बातों को दबा देते हैं, और अपनी पहचान तक को उस “स्वीकृति” की बलि चढ़ा देते हैं जो शायद कभी मिलती ही नहीं।
एक दिन ऐसा आता है जब भीतर से खालीपन घर करने लगता है। वही खालीपन जो किसी को समझ में नहीं आता, पर हर पल चुभता रहता है। तब महसूस होता है कि शायद…
