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- 13+ Important Life Rules 13+ महत्वपूर्ण जीवन नियम
* कन्याओं का विवाह 21 से 25 वे वर्ष तक, और लड़कों का विवाह 25 से 29वें वर्ष की आयु तक हर स्थिति में हो जाना चाहिए !* * फ्लैट न लेकर जमीन खरीदो, और उस पर अपना घर बनाओ! वरना आपकी संतानों का भविष्य पिंजरे के पंछी की तरह हो जाएगा* * नयी युवा पीढ़ी को कम से कम तीन संतानों को जन्म देने के लिए प्रेरित करें !* * गांव से नाता जोड़ कर रखें ! और गांव की पैतृक सम्पत्ति, और वहां के लोगों से नाता, जोड़कर रखें !* * अपनी संतानों को अपने धर्म की शिक्षा अवश्य दें, और उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर अवश्य ध्यान दें !* * किसी भी और आतंकवादी प्रवृत्ति के व्यक्ति से सामान लेने-देने, व्यवहार करने से यथासंभव बचें !* * घर में बागवानी करने की आदत डालें,(और यदि पर्याप्त जगह है,तो देशी गाय पालें।* * होली, दीपावली,विजयादशमी, नवरात्रि, मकर संक्रांति, जन्माष्टमी, राम नवमी, आदि जितने भी त्यौहार आयें, उन्हें आफिस/कार्य से छुट्टी लेकर सपरिवार मनाये।* * !(हो सके तो पैदल, व परिवार के साथ )* *प्रात: काल 5-5:30 बजे उठ जाएं, और रात्रि को 10 बजे तक सोने का नियम बनाएं ! सोने से पहले आधा गिलास पानी अवश्य पिये (हार्ट अटैक की संभावना घटती है)* * यदि आपकी कोई एक संतान पढ़ाई में असक्षम है, तो उसको कोई भी हुनर (Skill) वाला ज्ञान जरूर दें !* * आपकी प्रत्येक संतान को कम से कम तीन फोन नंबर स्मरण होने चाहिए, और आपको भी!* * जब भी परिवार व समाज के किसी कार्यक्रम में जाएं, तो अपनी संतानों को भी ले जाएं ! इससे उनका मानसिक विकास सशक्त होगा !* * परिवार के साथ मिल बैठकर भोजन करने का प्रयास करें, और भोजन करते समय मोबाइल फोन और टीवी बंद कर लें !* * अपनी संतानों को बालीवुड की कचरा फिल्मों से बचाएं, और प्रेरणादायक फिल्में दिखाएं !* * जंक फूड और फास्ट फूड से बचें !* * सांयकाल के समय कम से कम 10 मिनट भक्ति संगीत सुने, बजाएं !* * दिखावे के चक्कर में पड़कर, व्यर्थ का खर्चा न करें !* * दो किलोमीटर तक जाना हो, तो पैदल जाएं, या साईकिल का प्रयोग करें !* * अपनी संतानों के मन में किसी भी प्रकार के नशे (गुटखा, तंबाखू, बीड़ी, सिगरेट, दारू...) के विरुद्ध चेतना उत्पन्न करें,तथा उसे विकसित करें !* * सदैव सात्विक भोजन ग्रहण करें, अपने भोजन का ईश्वर को भोग लगा कर प्रसाद ग्रहण करें ! !* * अपने आंगन में तुलसी का पौधा अवश्य लगायें, व नित्य प्रति दिन पूजा, दीपदान अवश्य करें !* * अपने घर पर एक हथियार अवश्य रखें, ओर उसे चलाने का निरन्तर हवा में अकेले प्रयास करते रहें, ताकि विपत्ति के समय प्रयोग कर सकें ! जैसे-लाठी,हॉकी,गुप्ती, तलवार,भाला,त्रिशूल व बंदूक/पिस्तौल लाइसेंस के साथ !* * घर में पुत्र का जन्म हो या कन्या का, खुशी बराबरी से मनाएँ ! दोनों जरूरी है ! अगर बेटियाँ नहीं होगी तो परिवार व समाज को आगे बढाने वाली बहुएँ कहाँ से आएगी और बेटे नहीं होंगे तो परिवार समाज व देश की रक्षा कौन करेगा !*
- 21 Best Skills That Will Pay You Forever | Life Skills
1. Ability to sell and negotiate. 2. Ability to convey what you think and feel. 3. Ability to break the process into smaller steps. 4. Ability to shut up, listen and learn from others. 5. Ability to adapt, improvise and overcome obstacles. 6. Ability to read, understand and memorize. 7. Ability to write words to persuade and influence others. 8. Ability to speak in front of a large audience. 9. Ability to keep trying even after failures. 10. Ability to walk away. 11. Ability to manage time effectively. 12. Ability to stay positive and optimistic. 13. Ability to invest money on your own. 14. Ability to do things irrespective of situations. 15. Ability to self-analyze yourself. 16. Ability to learn how to earn. 17. Ability to understand what others feel. 18. Ability to remain consistent. 19. Ability to master your thoughts. 20. Ability to ask for help. 21. Ability to make decisions based on facts and not on emotions. 1. बेचने और बातचीत करने की क्षमता। 2. आप जो सोचते हैं और महसूस करते हैं उसे व्यक्त करने की क्षमता। 3. प्रक्रिया को छोटे चरणों में तोड़ने की क्षमता। 4. दूसरों से चुप रहने, सुनने और सीखने की क्षमता। 5. बाधाओं को अनुकूलित करने, सुधारने और दूर करने की क्षमता। 6. पढ़ने, समझने और याद रखने की क्षमता। 7. दूसरों को समझाने और प्रभावित करने के लिए शब्द लिखने की क्षमता। 8. बड़े दर्शकों के सामने बोलने की क्षमता। 9. असफलताओं के बाद भी प्रयास करते रहने की क्षमता। 10. दूर चलने की क्षमता। 11. प्रभावी ढंग से समय का प्रबंधन करने की क्षमता। 12. सकारात्मक और आशावादी रहने की क्षमता। 13. अपने दम पर पैसा निवेश करने की क्षमता। 14. परिस्थितियों के बावजूद चीजों को करने की क्षमता। 15. स्वयं का विश्लेषण करने की क्षमता। 16. कमाने का तरीका सीखने की क्षमता। 17. दूसरे क्या महसूस करते हैं इसे समझने की क्षमता। 18. लगातार बने रहने की क्षमता। 19. अपने विचारों में महारत हासिल करने की क्षमता। 20. मदद मांगने की क्षमता। 21. भावनाओं के आधार पर नहीं तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता।
- ❝Send out your Good vibes today The world needs them..!!❞
❝Send out your Good vibes today The world needs them..!!❞ ❝अपनी अच्छी तरंगे आज ही भेजें दुनिया को उनकी जरूरत है..!!❞ . . . . . . . . good morning quotes good morning images good morning message good morning marathi good morning images marathi good morning wishes good morning love good morning in hindi good morning gif good morning quotes in marathi good morning quotes for love good morning quotes hindi good morning quotes in english good morning quotes with images good morning quotes about life good morning quotes marathi love good morning quotes for love in hindi good morning quotes for girlfriend good morning wishes in marathi good morning wishes for love good morning wishes in hindi good morning wishes for friends good morning wishes in english good morning wishes images good morning wishes in hindi shayari good morning wishes for love in marathi good morning wishes in marathi images good morning images good morning images marathi good morning images hindi good morning images new good morning images hd good morning images new 2022 good morning images love good morning images download good morning images with quotes in hindi good morning images marathi suvichar good morning message good morning message in marathi good morning message hindi good morning message to my love good morning message for friend good morning message for her good morning message in english good morning message for him good morning messages for girlfriend good morning message for wife
- 7 Wonders of the World..
🙏 दुनिया के 7 आश्चर्य 🙏 गाँव के स्कूल में पढने वाली छुटकी आज बहुत खुश थी, उसका दाखिला शहर के एक अच्छे स्कूल में क्लास 6 में हो गया था। आज स्कूल का पहला दिन था और वो समय से पहले ही तैयार हो कर बस का इंतज़ार कर रही थी। बस आई और छुटकी बड़े उत्साह के साथ उसमे सवार हो गयी। करीब 1 घंटे बाद जब बस स्कूल पहुंची तो सारे बच्चे उतर कर अपनी-अपनी क्लास में जाने लगे.छुटकी भी बच्चों से पूछते हुए अपनी क्लास में पहुंची। क्लास के बच्चे गाँव से आई इस लडकी को देखकर उसका मजाक उड़ाने लगे। "साइलेंस!", टीचर बोली, " चुप हो जाइए आप सब." "ये छुटकी है, और आज से ये आपके साथ ही पढेगी।" उसके बाद टीचर ने बच्चों को सरप्राइज टेस्ट के लिए तैयार होने को कह दिया। "चलिए, अपनी-अपनी कॉपी निकालिए और जल्दी से "दुनिया के 7 आश्चर्य लिख डालिए।", टीचर ने निर्देश दिया। सभी बच्चे जल्दी जल्दी उत्तर लिखने लगे, छुटकी भी धीरे-धीरे अपना उत्तर लिखने लगी। जब सबने अपनी कॉपी जमा कर दी तब टीचर ने छुटकी से पूछा, "क्या हुआ बेटा, आपको जितना पता है उतना ही लिखिए, इन बच्चों को तो मैंने कुछ दिन पहले ही दुनिया के सात आश्चर्य बताये थे।" "जी, मैं तो सोच रही थी कि इतनी सारी चीजें हैं.इनमे से कौन सी सात चीजें लिखूं..", छुटकी टीचर को अपनी कॉपी थमाते हुए बोली। टीचर ने सबकी कापियां जोर-जोर से पढनी शुरू कीं..ज्यादातर बच्चों ने अपने उत्तर सही दिए थे. ताजमहल चीचेन इट्ज़ा क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा कोलोसियम चीन की विशाल दीवार माचू पिच्चू पेत्रा टीचर खुश थीं कि बच्चों को उनका पढ़ाया याद था। बच्चे भी काफी उत्साहित थे और एक दुसरे को बधाई दे रहे थे.। अंत में टीचर ने छुटकी की कॉपी उठायी, और उसका उत्तर भी सबके सामने पढना शुरू किया.. दुनिया के 7 आश्चर्य हैं: देख पाना सुन पाना किसी चीज को महसूस कर पाना हँस पाना प्रेम कर पाना सोच पाना दया कर पाना छुटकी के उत्तर सुन पूरी क्लास में सन्नाटा छा गया। टीचर भी आवाक खड़ी थी..आज गाँव से आई एक बच्ची ने उन सभी को भगवान् के दिए उन अनमोल तोहफों का आभास करा दिया था जिनके तरफ उन्होंने कभी ध्यान ही नहीं दिया था! *दोस्तो, सचमुच , गहराई से सोचा जाए तो हमारी ये देखने.सुनने.सोचने.समझने. जैसी शक्तियां किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं, ऐसे में ये सोच कर दुखी होने ने कि बजाये कि हमारे पास क्या नहीं है हमें ईश्वर के दिए इन अनमोल तोहफों के लिए शुक्रगुजार होना चाहिए और जीवन की छोटी-छोटी बातों में छिपी खुशियों को मिस नहीं करना चाहिए....। 🙏 7 Wonders of the World 🙏 Chhutki, studying in a village school, was very happy today, she got admission in class 6 in a good school in the city. Today was the first day of school and she was waiting for the bus after getting ready well in time. The bus arrived and Chutki boarded it with great enthusiasm. After about 1 hour, when the bus reached the school, all the children got down and started going to their respective classes. Chutki also reached her class after asking the children. The children of the class started making fun of this girl who had come from the village. "Silence!", the teacher said, "all of you be quiet." "She is Chutki, and from today she will study with you." After that the teacher asked the children to get ready for the surprise test. "Come on, take out your notebooks and quickly write down the 7 Wonders of the World.", the teacher instructed. All the children started writing their answers quickly, Chutki also started writing her answer slowly. When everyone submitted their copy, the teacher asked Chutki, "What happened son, write as much as you know, I had told these children the seven wonders of the world a few days back." "Yes, I was thinking that there are so many things. Which seven things should I write?", Chutki said while handing over her copy to the teacher. The teacher started reading everyone's notebooks out loud. Most of the children had given their answers correctly. Taj Mahal chichen itza Christ the Redeemer statue colosseum Great wall of china machu picchu petra The teacher was happy that the children remembered what she had taught. The children were also very excited and were congratulating each other. At last the teacher picked up Chutki's copy, and started reading his answer in front of everyone. The 7 Wonders of the World are: catch sight of be able to hear to feel something to laugh be able to love to think to have mercy There was silence in the whole class after listening to Chutki's answer. The teacher was also speechless..Today a girl from the village had made them all realize the priceless gifts given by God to which they had never paid any attention! *Friends, really, if we think deeply, our seeing-hearing-thinking-understanding. As the powers are no less than a wonder, instead of being sad thinking that what we do not have, we should be thankful for these precious gifts given by God and do not miss the happiness hidden in the small things of life. should do.....
- Manautee || A true Story
मनौती आनंद शर्मा का पूरा परिवार तीर्थस्थल पर जाने की तैयारी कर रहा था। आनंद जी की पत्नी पैकिंग आदि में लगी हुई थीं। फ्लाइट की टिकट, होटल की व्यवस्था सब हो गई थी। मंदिर के एजेंट ने उनके तुरंत दर्शनों की व्यवस्था भी कर दी थी। अपने बेटे की बीमारी के दौरान जब डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी। तब उन्होंने अपने बेटे के लिए मंदिर में 25 तोले सोने का मुकुट चढ़ाने की मनौती मानी थी। ईश्वर की कृपा और डॉक्टरों के प्रयास से बेटा पूर्णतया स्वस्थ हो गया था। घर में तैयारी का माहौल देख ऐसा लग रहा था कि कोई बड़ा जश्न मन रहा हो। आनंद सुबह चाय पी रहे थे तभी उनका नौकर विनोद आया और चुपचाप खड़ा हो गया। आनंद ने पूछा ," विनोद कुछ काम है क्या.... " उनके इतना पूछते ही विनोद रोने लगा और भावविह्वल हो कहने लगा ," साहेब बिटिया की शादी तय कर दी थी तारीख पास आ गई है। सोच रहा था" फसल बिक जायेगी पर बाढ़ सब तहस नहस कर गई।" साहेब हमें दो लाख रुपया उधार दे दीजिए.. " तनख्वाह से काटते रहिएगा ,फसल का पैसा आएगा तो चूका दूंगा। " एकदम से भड़क उठे आनंद "मेरे ठेके पर बिटिया की शादी तय की थी ,छोड़ दे नौकरी छोड़नी है ,मेरे पास पैसा नहीं है "। नौकर सन्नाटे में आ... चुपचाप अपने काम में लग गया ये सोचते हुए कही लगी लगाई नौकरी छूट गई तो क्या करेगा। आनंद का बेटा अपने पापा तथा नौकर का वार्त्तालाप सुन रहा था।नौकर के जाने के बाद अपने पापा के पास आया और बोला, "पापा आपसे कुछ कहूंगा प्लीज बुरा मत मानियेगा। " पापा हम मन्दिर में तीस लाख का मुकुट चढ़ाने जा रहे हैं , नौकर ने आपसे दो लाख रुपये मांगे ,वो भी उधार,जो हमारी जी जान से सेवा करता है। आपके पैसे से उसकी बेटी की शादी जैसा पुनीत कार्य होगा... मुकुट तो पंडित जी एक बार पहना कर, क्या करेंगे पता नहीं।" आनंद गरजे " तू समझता नहीं ,जब कोई रास्ता नहीं दिख रहा था तब तेरी माँ ने ये मनौती मानी और प्रभु के चमत्कार से तू स्वस्थ हो गया , "अब हम वो मनौती तो पूरी ही करेंगे।" पर पापा अगर आप ये तीस लाख रुपये जरुरत मंदो के लिए इस्तेमाल करेंगे तो कितनो की ज़िंदगी खुशियों से भर जाएगी , कितनी दुआये देंगे वो सब , मैं तो यही चाहता हूं। माँ-पापा आप विचार तो करें।" बेटे की बातों से दोनों ही पति -पत्नी बहुत प्रभावित हुए। देर रात तक सोचते रहे और सुबह जब सो कर उठे तो लगा हृदय निर्मल हो गया है। नाश्ते की टेबल पर जब सब बैठे तो आनंद ने बेटे को गले से लगा लिया और बोले , अनुज बेटा तूने मेरी आँखे खोल दी। हम दर्शन करने जा रहे , प्रसाद भी चढ़ाएंगे। पर इस तीस लाख को मैं जरूरतमंदों की मदद में ही लगाऊंगा। नौकर को आवाज देकर बुलाया ," विनोद ये दो लाख रुपये ले जाओ ,शादी की तैयारियां करो और हां ये बेटी को मेरी तरफ से भेंट है , तुम्हें लौटाने नहीं है। विनोद हतप्रभ सा उन्हें देखने लगा तो वो बोले ये अनुज बेटा की करामात है उसे ही आशीष दो। आनंद अपने बेटे और पत्नी के साथ सुकून से नाश्ता करने लगे सबके अधरों पर संतोष की मुस्कान थी #कैसी_लगी_स्टोरी_कमेंट_करके_जरूर_बताएं
- When the morale of a married woman falls ?
#एक_शादीशुदा_औरत_का_मनोबल_कब_गिर_जाता_है? जब वो मांग में सिंदूर आते ही लड़की से औरत बन जाती है। जब वो शादी के तुरंत बाद दीदी से आंटी बन जाती है जबकि उसका पति दो बच्चों के बाद भी भैया ही बना रहता है। जब शादी की अगली सुबह बेटे को आराम करने दिया जाता है और उसे रसोई में प्रवेश मिल जाता है। जब उसकी हर ग़लती भी उसकी और उसके पति की हर ग़लती भी उसी की ग़लती कहलाती है। जब उसका शादी से बाहर आकर्षण उसको तिर्यचरित्र बना देता है और उसके पति का आकर्षण उसके प्यार की कमी कहलाता है। जब मायके आने के लिए किसी की इजाजत जरूरी हो जाती है। जब मायके की यादों की उदासी को उसके काम ना करने का बहाना करार दिया जाता है। जब जरूरत पड़ने पर ना वो पति से पैसे मांग पाती है और ना ही पिता से। जब उसकी माँ उसे समझौता करने को कहती रहती है। और अपनी सफल शादी की दुहाई देती रहती है। जब हर रात उसके साथ जबर्दस्ती होती है और वो किसी से कह नहीं सकती है क्योंकि पति का तो अधिकार हो जाता है। जब ऑफिस से थक कर आने के बाद कोई पानी तक नहीं पूछता है। जब रात को पति के बाद सोती है और सुबह पति से पहले उठती है। जब अपने सपने/ख्वाहिशें भूल जाती है और कोई पुरानी सहेली उसको याद दिलाती है। शादी सभी के लिए उतनी मीठी नहीं होती जितनी नज़र आती है। महिलाओं के लिए आज भी जीवन मुश्किल है। वो जो महिला आप रोज़ अपने ऑफिस में देखते है और उससे उसकी आँखों के नीचे काले घेरे होने का कारण पूछते है, मत पूछिए। वो कभी नहीं बताएगी। और अगर बताती भी है तो आप कभी नहीं समझेंगे। अरे भई! जिसे उसकी माँ ने नहीं समझा, आप क्या खाक समझेंगे? ऐसे ही होता है। नजरअंदाज करो। हमने भी तो सहा है और तुमसे ज्यादा सहा है। अपने बच्चों के बारे में सोचों। और भी जाने क्या-क्या बकवास दलीलों के रूप में सुनने को मिलती है। महिलाओं के शांत चेहरों और फूल से हँसी के पीछे कौन-कौन से तूफ़ान गुज़र रहे होते है, आप कभी नहीं समझेंगे।
- FaceBook Fake Account | A True Story
फेक अकाउंट. गार्डन में लैपटॉप लिए एक लड़के से बुजुर्ग दम्पति ने कहा- . "बेटा हमें फेसबुक का अकाउंट बना दो।" लड़के ने कहा- "लाइये अभी बना देता हूँ, कहिये किस नाम से बनाऊँ?" . बुजुर्ग ने कहा- "लड़की के नाम से कोई भी अच्छा सा नाम रख लो।" . लड़का ने अचम्भे से पूछा- "फेक अकाउंट क्यों ??" . बुजुर्ग ने कहा- "बेटा, पहले बना तो दो फिर बताता हूँ क्यों ??" . बड़ो का मान करना उस लड़के ने सीखा था तो उसने अकाउंट बना ही दिया। . अब उसने पूछा- "अंकल जी, प्रोफाइल इमेज क्या रखूँ?" तो बुजुर्ग ने कहा- "कोई भी हीरोइन जो आजकल के बच्चों को अच्छी लगती हो।" . उस लड़के ने गूगल से इमेज सर्च करके डाल दी, फेसबुक अकाउंट ओपन हो गया। . फिर बुजुर्ग ने कहा- "बेटा कुछ अच्छे लोगो को ऐड कर दो।" लड़के ने कुछ अच्छे लोगो को रिक्वेस्ट सेंड कर दी। फिर बुजुर्ग ने अपने बेटे का नाम सर्च करवा के रिक्वेस्ट सेंड करवा दी। . लड़का जो वो कहते करता गया जब काम पूरा हो गया तो उसने कहा.... "अंकल जी अब तो आप बता दीजिये आपने ये फेक अकाउंट क्यों बनवाया?" बुजुर्ग की आँखे नम हो गयी, उनकी पत्नी की आँखों से तो आँसू बहने लगे। उन्होंने कहा- "मेरा एक ही बेटा है और शादी के बाद वो हमसे अलग रहने लगा। सालो बीत गए वो हमारे पास नहीं आता। शुरू शुरू में हम उसके पास जाते थे तो वो नाराज हो जाता था। कहता आपको मेरी पत्नी पसंद नहीं करती। आप अपने घर में रहिये, हमें चैन से यहाँ रहने दीजिये। कितना अपमान सहते इसलिए बेटे के यहाँ जाना छोड़ दिया। एक पोता है और एक प्यारी पोती है, बस उनको देखने का बड़ा मन करता है। किसी ने कहा कि फेसबुक में लोग अपने फैमिली की और फंक्शन की इमेज डालते है, तो सोचा फेसबुक में ही अपने बेटे से जुड़कर उसकी फैमिली के बारे में जान लेंगे और अपने पोता पोती को भी देख लेंगे, मन को शांति मिल जाएगी। अब अपने नाम से तो अकाउंट बना नहीं सकते। वो हमें ऐड करेगा नहीं, इसलिए हमने ये फेक अकाउंट बनवाया।" बुजुर्ग दंपत्ति के नम आँखों को उनके पत्नी के बहते आँसुओं को देखकर उस लड़के का दिल भर आया और सोचने लगा कि माँ- बाप का दिल कितना बड़ा होता है जो औलाद के कृतघ्न होने के बाद भी उसे प्यार करते हैं और औलाद कितनी जल्दी माँ- बाप के प्यार और त्याग को भूल जाती है। " ये लेख जरूर शेयर करे ताकि ऐसा करने वाले सभी संतान इस लेख को पढ़ कर सुधर सके! 🙏
- Incline Road 🛣️🛣️
धक्का कोई देगा तो थोड़ा दूर जाओगे। पर अगर खुद के पैर जमाओगे तो ढलान सड़क पर भी दौड़ जाओगे।
- अम्मा || A Heart Touching Story || एक दिल को छू लेने वाली कहानी
*बच्चों को स्कूल बस में बैठाकर वापस आ शालू खिन्न मन से टैरेस पर जाकर बैठ गई.* *शालू की इधर-उधर दौड़ती सरसरी नज़रें थोड़ी दूर एक पेड़ की ओट में खड़ी बुढ़िया पर ठहर गईं.* *'ओह! फिर वही बुढ़िया, क्यों इस तरह से उसके घर की ओर ताकती है ?’* *शालू की उदासी बेचैनी में तब्दील हो गई, मन में शंकाएं पनपने लगीं. इससे पहले भी शालू उस बुढ़िया को तीन-चार बार नोटिस कर चुकी थी.* *दो महीने हो गए थे शालू को पूना से गुड़गांव शिफ्ट हुए, मगर अभी तक एडजस्ट नहीं हो पाई थी.* *सब कुछ कितना सुव्यवस्थित चल रहा था पूना में. उसकी अच्छी जॉब थी. घर संभालने के लिए अच्छी मेड थी, जिसके भरोसे वह घर और रसोई छोड़कर सुकून से ऑफ़िस चली जाती थी.* *घर के पास ही बच्चों के लिए एक अच्छा-सा डे केयर भी था. स्कूल के बाद दोनों बच्चे शाम को उसके ऑफ़िस से लौटने तक वहीं रहते. लाइफ़ बिल्कुल सेट थी, मगर सुधीर के एक तबादले की वजह से सब गड़बड़ हो गया.* *दो दिन बाद सुधीर टूर से वापस आए, तो शालू ने उस बुढ़िया के बारे में बताया. सुधीर को भी कुछ चिंता हुई, “ठीक है, अगली बार कुछ ऐसा हो, तो वॉचमैन को बोलना वो उसका ध्यान रखेगा, वरना फिर देखते हैं, पुलिस कम्प्लेन कर सकते हैं.” कुछ दिन ऐसे ही गुज़र गए.* *शालू का घर को दोबारा ढर्रे पर लाकर नौकरी करने का संघर्ष जारी था, पर इससे बाहर आने की कोई सूरत नज़र नहीं आ रही थी.* *एक दिन सुबह शालू ने टैरेस से देखा, वॉचमैन उस बुढ़िया के साथ उनके मेन गेट पर आया हुआ था. सुधीर उससे कुछ बात कर रहे थे.* *पास से देखने पर उस बुढ़िया की सूरत कुछ जानी पहचानी-सी लग रही थी. शालू को लगा उसने यह चेहरा कहीं और भी देखा है, मगर कुछ याद नहीं आ रहा था.* *बात करके सुधीर घर के अंदर आ गए और वह बुढ़िया मेन गेट पर ही खड़ी रही.* *“अरे, ये तो वही बुढ़िया है, जिसके बारे में मैंने आपको बताया था. ये यहां क्यों आई है ?” शालू ने चिंतित स्वर में सुधीर से पूछा.* *“बताऊंगा तो आश्चर्यचकित रह जाओगी. जैसा तुम उसके बारे में सोच रही थी, वैसा कुछ भी नहीं है. जानती हो वो कौन है ?”* *शालू का विस्मित चेहरा आगे की बात सुनने को बेक़रार था.* *“वो इस घर की पुरानी मालकिन हैं.”* *“क्या ? मगर ये घर तो हमने मिस्टर शांतनु से ख़रीदा है.”* *“ये लाचार बेबस बुढ़िया उसी शांतनु की अभागी मां है, जिसने पहले धोखे से सब कुछ अपने नाम करा लिया और फिर ये घर हमें बेचकर विदेश चला गया, अपनी बूढ़ी मां गायत्री देवी को एक वृद्धाश्रम में छोड़कर.* *छी… कितना कमीना इंसान है, देखने में तो बड़ा शरीफ़ लग रहा था.”* *सुधीर का चेहरा वितृष्णा से भर उठा. वहीं शालू याद्दाश्त पर कुछ ज़ोर डाल रही थी.* *“हां, याद आया. स्टोर रूम की सफ़ाई करते हुए इस घर की पुरानी नेमप्लेट दिखी थी. उस पर ‘गायत्री निवास’ लिखा था,* *वहीं एक राजसी ठाठ-बाटवाली महिला की एक पुरानी फ़ोटो भी थी. उसका चेहरा ही इस बुढ़िया से मिलता था,* *तभी मुझे लगा था कि इसे कहीं देखा है, मगर अब ये यहां क्यों आई हैं ?* *क्या घर वापस लेने ? पर हमने तो इसे पूरी क़ीमत देकर ख़रीदा है.” शालू चिंतित हो उठी.* *“नहीं, नहीं. आज इनके पति की पहली बरसी है. ये उस कमरे में दीया जलाकर प्रार्थना करना चाहती हैं,* *जहां उन्होंने अंतिम सांस ली थी.”* *“इससे क्या होगा, मुझे तो इन बातों में कोई विश्वास नहीं.”* *“तुम्हें न सही, उन्हें तो है और अगर हमारी हां से उन्हें थोड़ी-सी ख़ुशी मिल जाती है, तो हमारा क्या घट जाएगा ?”* *“ठीक है, आप उन्हें बुला लीजिए.” अनमने मन से ही सही, मगर शालू ने हां कर दी.* *गायत्री देवी अंदर आ गईं. क्षीण काया, तन पर पुरानी सूती धोती, बड़ी-बड़ी आंखों के कोरों में कुछ जमे, कुछ पिघले से आंसू. अंदर आकर उन्होंने सुधीर और शालू को ढेरों आशीर्वाद दिए.* *नज़रें भर-भरकर उस पराये घर को देख रही थीं, जो कभी उनका अपना था. आंखों में कितनी स्मृतियां, कितने सुख और कितने ही दुख एक साथ तैर आए थे.* *वो ऊपरवाले कमरे में गईं. कुछ देर आंखें बंद कर बैठी रहीं. बंद आंखें लगातार रिस रही थीं.* *फिर उन्होंने दिया जलाया, प्रार्थना की और फिर वापस से दोनों को आशीर्वाद देते हुए कहने लगीं, “मैं इस घर में दुल्हन बनकर आई थी. सोचा था, अर्थी पर ही जाऊंगी, मगर…” स्वर भर्रा आया था.* *“यही कमरा था मेरा. कितने साल हंसी-ख़ुशी बिताए हैं यहां अपनों के साथ, मगर शांतनु के पिता के जाते ही…” आंखें पुनः भर आईं.* *शालू और सुधीर नि:शब्द बैठे रहे. थोड़ी देर घर से जुड़ी बातें कर गायत्री देवी भारी क़दमों से उठीं और चलने लगीं.* *पैर जैसे इस घर की चौखट छोड़ने को तैयार ही न थे, पर जाना तो था ही. उनकी इस हालत को वो दोनों भी महसूस कर रहे थे.* *“आप ज़रा बैठिए, मैं अभी आती हूं.” शालू गायत्री देवी को रोककर कमरे से बाहर चली गई और इशारे से सुधीर को भी बाहर बुलाकर कहने लगी, “सुनिए, मुझे एक बड़ा अच्छा आइडिया आया है,* *जिससे हमारी लाइफ़ भी सुधर जाएगी और इनके टूटे दिल को भी आराम मिल जाएगा.* *क्यों न हम इन्हें यहीं रख लें ?* *अकेली हैं, बेसहारा हैं और इस घर में इनकी जान बसी है. यहां से कहीं जाएंगी भी नहीं और हम यहां वृद्धाश्रम से अच्छा ही खाने-पहनने को देंगे उन्हें.”* *“तुम्हारा मतलब है, नौकर की तरह ?”* *“नहीं, नहीं. नौकर की तरह नहीं हम इन्हें कोई तनख़्वाह नहीं देंगे.* *काम के लिए तो मेड भी है. बस, ये घर पर रहेंगी, तो घर के आदमी की तरह मेड पर, आने-जानेवालों पर नज़र रख सकेंगी. बच्चों को देख-संभाल सकेंगी.* *ये घर पर रहेंगी, तो मैं भी आराम से नौकरी पर जा सकूंगी. मुझे भी पीछे से घर की, बच्चों के खाने-पीने की टेंशन नहीं रहेगी.”* *“आइडिया तो अच्छा है, पर क्या ये मान जाएंगी ?”* *“क्यों नहीं. हम इन्हें उस घर में रहने का मौक़ा दे रहे हैं, जिसमें उनके प्राण बसे हैं, जिसे ये छुप-छुपकर देखा करती हैं.”* *“और अगर कहीं मालकिन बन घर पर अपना हक़ जमाने लगीं तो ?”* *“तो क्या, निकाल बाहर करेंगे. घर तो हमारे नाम ही है. ये बुढ़िया क्या कर सकती है.”* *“ठीक है, तुम बात करके देखो.” सुधीर ने सहमति जताई.* *शालू ने संभलकर बोलना शुरू किया, “देखिए, अगर आप चाहें, तो यहां रह सकती हैं.”* *बुढ़िया की आंखें इस अप्रत्याशित प्रस्ताव से चमक उठीं. क्या वाक़ई वो इस घर में रह सकती हैं, लेकिन फिर बुझ गईं.* *आज के ज़माने में जहां सगे बेटे ने ही उन्हें घर से यह कहते हुए बेदख़ल कर दिया कि अकेले बड़े घर में रहने से अच्छा उनके लिए वृद्धाश्रम में रहना होगा. वहां ये पराये लोग उसे बिना किसी स्वार्थ के क्यों रखेंगे ?* *“नहीं, नहीं. आपको नाहक ही परेशानी होगी.”* *“परेशानी कैसी, इतना बड़ा घर है और आपके रहने से हमें भी आराम हो जाएगा.”* *हालांकि दुनियादारी के कटु अनुभवों से गुज़र चुकी गायत्री देवी शालू की आंखों में छिपी मंशा समझ गईं, मगर उस घर में रहने के मोह में वो मना न कर सकीं.* *गायत्री देवी उनके साथ रहने आ गईं और आते ही उनके सधे हुए अनुभवी हाथों ने घर की ज़िम्मेदारी बख़ूबी संभाल ली.* *सभी उन्हें अम्मा कहकर ही बुलाते. हर काम उनकी निगरानी में सुचारु रूप से चलने लगा.* *घर की ज़िम्मेदारी से बेफ़िक्र होकर शालू ने भी नौकरी ज्वॉइन कर ली. सालभर कैसे बीत गया, पता ही नहीं चला.* *अम्मा सुबह दोनों बच्चों को उठातीं, तैयार करतीं, मान-मनुहार कर खिलातीं और स्कूल बस तक छोड़तीं. फिर किसी कुशल प्रबंधक की तरह अपनी देखरेख में बाई से सारा काम करातीं. रसोई का वो स्वयं ख़ास ध्यान रखने लगीं,* *ख़ासकर बच्चों के स्कूल से आने के व़क़्त वो नित नए स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार कर देतीं.* *शालू भी हैरान थी कि जो बच्चे चिप्स और पिज़्ज़ा के अलावा कुछ भी मन से न खाते थे, वे उनके बनाए व्यंजन ख़ुशी-ख़ुशी खाने लगे थे.* *बच्चे अम्मा से बेहद घुल-मिल गए थे. उनकी कहानियों के लालच में कभी देर तक टीवी से चिपके रहनेवाले बच्चे उनकी हर बात मानने लगे. समय से खाना-पीना और होमवर्क निपटाकर बिस्तर में पहुंच जाते.* *अम्मा अपनी कहानियों से बच्चों में एक ओर जहां अच्छे संस्कार डाल रही थीं, वहीं हर व़क़्त टीवी देखने की बुरी आदत से भी दूर ले जा रही थीं.* *शालू और सुधीर बच्चों में आए सुखद परिवर्तन को देखकर अभिभूत थे, क्योंकि उन दोनों के पास तो कभी बच्चों के पास बैठ बातें करने का भी समय नहीं होता था.* *पहली बार शालू ने महसूस किया कि घर में किसी बड़े-बुज़ुर्ग की उपस्थिति, नानी-दादी का प्यार, बच्चों पर कितना सकारात्मक प्रभाव डालता है. उसके बच्चे तो शुरू से ही इस सुख से वंचित रहे, क्योंकि उनके जन्म से पहले ही उनकी नानी और दादी दोनों गुज़र चुकी थीं.* *आज शालू का जन्मदिन था. सुधीर और शालू ने ऑफ़िस से थोड़ा जल्दी निकलकर बाहर डिनर करने का प्लान बनाया था. सोचा था, बच्चों को अम्मा संभाल लेंगी,* *मगर घर में घुसते ही दोनों हैरान रह गए. बच्चों ने घर को गुब्बारों और झालरों से सजाया हुआ था.* *वहीं अम्मा ने शालू की मनपसंद डिशेज़ और केक बनाए हुए थे. इस सरप्राइज़ बर्थडे पार्टी, बच्चों के उत्साह और अम्मा की मेहनत से शालू अभिभूत हो उठी और उसकी आंखें भर आईं.* *इस तरह के वीआईपी ट्रीटमेंट की उसे आदत नहीं थी और इससे पहले बच्चों ने कभी उसके लिए ऐसा कुछ ख़ास किया भी नहीं था.* *बच्चे दौड़कर शालू के पास आ गए और जन्मदिन की बधाई देते हुए पूछा, “आपको हमारा सरप्राइज़ कैसा लगा ?”* *“बहुत अच्छा, इतना अच्छा, इतना अच्छा… कि क्या बताऊं…” कहते हुए उसने बच्चों को बांहों में भरकर चूम लिया.* *“हमें पता था आपको अच्छा लगेगा. अम्मा ने बताया कि बच्चों द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी मम्मी-पापा को बहुत बड़ी ख़ुशी देता है, इसीलिए हमने आपको ख़ुशी देने के लिए ये सब किया.”* *शालू की आंखों में अम्मा के लिए कृतज्ञता छा गई. बच्चों से ऐसा सुख तो उसे पहली बार ही मिला था और वो भी उन्हीं के संस्कारों के कारण केक कटने के बाद गायत्री देवी ने अपने पल्लू में बंधी लाल रुमाल में लिपटी एक चीज़ निकाली और शालू की ओर बढ़ा दी.* *“ये क्या है अम्मा ?”* *“तुम्हारे जन्मदिन का उपहार.”* *शालू ने खोलकर देखा तो रुमाल में सोने की चेन थी.* *वो चौंक पड़ी, “ये तो सोने की मालूम होती है.”* *“हां बेटी, सोने की ही है. बहुत मन था कि तुम्हारे जन्मदिन पर तुम्हें कोई तोहफ़ा दूं. कुछ और तो नहीं है मेरे पास, बस यही एक चेन है, जिसे संभालकर रखा था. मैं अब इसका क्या करूंगी. तुम पहनना, तुम पर बहुत अच्छी लगेगी.”* *शालू की अंतरात्मा उसे कचोटने लगी. जिसे उसने लाचार बुढ़िया समझकर स्वार्थ से तत्पर हो अपने यहां आश्रय दिया, उनका इतना बड़ा दिल कि अपने पास बचे इकलौते स्वर्णधन को भी वह उसे सहज ही दे रही हैं.* *“नहीं, नहीं अम्मा, मैं इसे नहीं ले सकती.”* *“ले ले बेटी, एक मां का आशीर्वाद समझकर रख ले. मेरी तो उम्र भी हो चली. क्या पता तेरे अगले जन्मदिन पर तुझे कुछ देने के लिए मैं रहूं भी या नहीं.”* *“नहीं अम्मा, ऐसा मत कहिए. ईश्वर आपका साया हमारे सिर पर सदा बनाए रखे.” कहकर शालू उनसे ऐसे लिपट गई, जैसे बरसों बाद कोई बिछड़ी बेटी अपनी मां से मिल रही हो.* *वो जन्मदिन शालू कभी नहीं भूली, क्योंकि उसे उस दिन एक बेशक़ीमती उपहार मिला था, जिसकी क़ीमत कुछ लोग बिल्कुल नहीं समझते और वो है नि:स्वार्थ मानवीय भावनाओं से भरा मां का प्यार. वो जन्मदिन गायत्री देवी भी नहीं भूलीं, क्योंकि उस दिन उनकी उस घर में पुनर्प्रतिष्ठा हुई थी.* *घर की बड़ी, आदरणीय, एक मां के रूप में, जिसकी गवाही उस घर के बाहर लगाई गई वो पुरानी नेमप्लेट भी दे रही थी, जिस पर लिखा* *गायत्री निवास*...
- Whole life is spent to earn money
पैसे कमाने के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है.. बेटा-बहु अपने बैडरूम में बातें कर रहे थे, द्वार खुला होने के कारण उनकी आवाजें बाहर कमरे में बैठी माँ को भी सुनाई दे रहीं थीं। बेटा---" अपने job के कारण हम माँ का ध्यान नहीं रख पाएँगे, उनकी देखभाल कौन करेगा ? क्यूँ ना, उन्हें वृद्धाश्रम में दाखिल करा दें, वहाँ उनकी देखभाल भी होगी और हम भी कभी कभी उनसे मिलते रहेंगे। " बेटे की बात पर बहु ने जो कहा, उसे सुनकर माँ की आँखों में आँसू आ गए। . . बहु---" पैसे कमाने के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है जी, लेकिन माँ का आशीष जितना भी मिले, वो कम है। उनके लिए पैसों से ज्यादा हमारा संग-साथ जरूरी है। मैं अगर job ना करूँ तो कोई बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा। मैं माँ के साथ रहूँगी। घर पर टियुसनn पढ़ाऊँगी, इससे माँ की देखभाल भी कर पाऊँगी। याद करो, तुम्हारे बचपन में ही तुम्हारे पिता नहीं रहे और घरेलू काम धाम करके तुम्हारी माँ ने तुम्हारा पालन पोषण किया, तुम्हें पढ़ाया लिखाया, काबिल बनाया। तब उन्होंने कभी भी पड़ोसन के पास तक नहीं छोड़ा, कारण तुम्हारी देखभाल कोई दूसरा अच्छी तरह नहीं करेगा, और तुम आज ऐंसा बोल रहे हो। तुम कुछ भी कहो, लेकिन माँ हमारे ही पास रहेंगी, हमेशा, अंत तक। " बहु की उपरोक्त बातें सुन, माँ रोने लगती है और रोती हुई ही, पूजा घर में पहुँचती है। ईश्वर के सामने खड़े होकर माँ उनका आभार मानती है और उनसे कहती है---" भगवान, तुमने मुझे बेटी नहीं दी, इस वजह से कितनी ही बार मैं तुम्हे भला बुरा कहती रहती थी, लेकिन ऐंसी भाग्यलक्ष्मी देने के लिए तुम्हारा आभार मैं किस तरह मानूँ...?भगवान जो ऐसी सोच की बहु मिली तुम्हारा लाख लाख शुक्र है
- Jake Paul Quotes
Jake Paul is an American YouTuber, social media influencer, and professional boxer. He gained significant popularity through his YouTube channel, where he posted vlogs, pranks, and other content. He is also known for being a part of the "Team 10" social media collective, which was centered around content creation. In addition to his online presence, Jake Paul ventured into professional boxing. He had a few high-profile boxing matches, including fights against fellow YouTuber AnEsonGib and former NBA player Nate Robinson. His boxing career generated a lot of attention and controversy within the boxing and entertainment communities. Jake Paul Quotes 1. "It's every day bro!" 2. "I don't get tired." 3. "I'm a big risk taker. I'll always bet on myself." 4. "Be the shark in a sea of fish." 5. "You gotta be selfish to be selfless." 6. "If you're not creating, you're sitting on the sidelines." 7. "Do it big, do it right, and do it with style." 8. "You have to have a goal; you have to have a vision." 9. "I don't want to be liked; I want to be respected." 10. "I'm always looking forward, not backwards." Jake Paul Quotes
- 13+ Remember Quotes
Not invited = Don't go Not told =Don't ask Always remember that. Remember this. The right person will never get tired of you. Remember, being happy doesn't mean you have it all. It simply means you're thankful for all you have. We do not remember days. We remember moments. Remember... Whoever is trying to bring you down is already below you. Always remember that everything happens for a reason. It might not make sense now, but at the right time it will. Remember - no pain is forever. Always remember, someone's effort is a reflection of their interest in you. Life is short. Remember, focus on what matters and let go of what does not. Just remember that all the shit someone puts you through, Sooner or later finds its way back to them. Forget the mistake but remember the lesson . Never regret the moments that once made you smile, because those are the ones you will remember forever. Always remember people who have helped you along the way, and don't forget to lift someone up. In The End, we will remember not the words of our enemies, but the silence of our friends. Remember, as long as you are breathing it's never too late to start a new beginning. The mind will not always remember exactly what happened, but the heart will always remember the feeling. Always remember those who were by your side when you needed help. When judging others just remember how much you hate being judged. We do not remember days. We remember moments. “People forget years and remember moments.” The more you say, the less people remember. Life has two rules: #1 Never quit #2 Always remember rule # 1 "When you are kind to someone in trouble, you hope they'll remember and be kind to someone else. And it'll become like a wildfire." Remember this. The right person will never get tired of you. We do not remember days, we remember moments. Remember, when you forgive, you heal. And when you let go, you grow. Always remember to fall asleep with a dream and wake up with a purpose. Forget the past, but remember the lesson. "If you tell the truth, you don't have to remember anything." "Tell me and I forget. Teach me and I remember. Involve me and I learn." No response is a response. And it's a powerful one. Remember that. Do not spoil what you have by desiring what you have not; remember that what you now have was once among the things you only hoped for. Always remember that everything happens for a reason. It might not make sense now, but at the right time it will. Just remember that all the shit someone puts you through, sooner or later finds its way back to them. Remember, your mind is your greatest asset, so be careful waht you put into it. Remembering that you are going to die is the best way I know to avoid the trap of thinking you have something to lose. You are already naked. There is no reason not to follow your heart. Don’t limit yourself. Many people limit themselves to what they think they can do. You can go as far as your mind lets you. What you believe, remember, you can achieve. When thinking about life, remember this: No amount of guilt can solve the past, and no amount of anxiety can change the future. “I would like to be remembered as someone who was not afraid to do what she wanted to do, and as someone who took risks along the way in order to achieve her goals.”











